इस दिवाली घर में दीये जलाइए, और एक यात्रा आत्मा की रोशनी के लिए भी कीजिए। 🔱
बर्फ से ढके हिमालय के बीच आदि कैलाश और ॐ पर्वत के दिव्य दर्शन, एक ऐसी यात्रा जो जीवनभर याद रहेगी।
✅ Fixed Departure: 6 नवंबर
✅ 5 रातें / 6 दिन
05 रातें / 06 दिन आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा
पिकअप: काठगोदाम ड्रॉप: काठगोदाम प्रति व्यक्ति कुल लागत: ₹21,500/- वैधता: केवल आज के लिए
दिन 1: काठगोदाम – जागेश्वर धाम – चितई गोलू देवता मंदिर – पिथौरागढ़
- दूरी: लगभग 290 किमी | यात्रा समय: 9–10 घंटे
- काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुँचने पर अपने ड्राइवर से मिलें और कुमाऊँ के पूर्वी हिमालय की ओर सुंदर यात्रा शुरू करें।
- रास्ते में घूमने योग्य स्थान
- प्राचीन जागेश्वर धाम के दर्शन करें। यह घने देवदार के जंगलों के बीच स्थित भारत के प्राचीन शिव मंदिर परिसरों में से एक है।
- प्रसिद्ध चितई गोलू देवता मंदिर में दर्शन करें। यह न्याय के देवता का मंदिर माना जाता है, जहाँ श्रद्धालु अपनी प्रार्थनाएँ लिखकर अर्पित करते हैं।
- पहाड़ी सड़कों और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते हुए पिथौरागढ़ पहुँचें। इसे उत्तराखंड का “लिटिल कश्मीर” भी कहा जाता है।
- भोजन: रात्रि भोजन रात्रि विश्राम: पिथौरागढ़
दिन 2: पिथौरागढ़ – धारचूला – गुंजी
- दूरी: लगभग 200 किमी | यात्रा समय: 8–9 घंटे
- नाश्ते के बाद भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की ओर प्रस्थान करें।
- रास्ते में मुख्य आकर्षण
- मनमोहक हिमालयी घाटियाँ
- काली नदी के सुंदर दृश्य
- प्राकृतिक झरने
- पहाड़ों के बीच बसे खूबसूरत गाँव
- शानदार प्राकृतिक दृश्यों वाली सीमावर्ती सड़कें
- लगभग 3,200 मीटर की ऊँचाई पर स्थित गुंजी गाँव पहुँचें।
- भोजन: नाश्ता और रात्रि भोजन रात्रि विश्राम: गुंजी
दिन 3: आदि कैलाश दर्शन यात्रा
भ्रमण दूरी: लगभग 70 किमी (आना-जाना मिलाकर)
सुबह जल्दी नाश्ता करने के बाद पवित्र आदि कैलाश के दर्शन के लिए प्रस्थान करें।
दर्शन किए जाने वाले प्रमुख स्थान
- आदि कैलाश
- शिव-पार्वती मंदिर
- पार्वती सरोवर
- गौरी कुंड
- पार्वती मुकुट
- पांडव किला
- ब्रह्म पर्वत
- पांडा पर्वत
- मनोकामना मंदिर
- भीम की खेती
हिमालय की दिव्य और शांत वादियों में समय बिताएँ तथा दर्शन के बाद वापस गुंजी लौटें।
भोजन: नाश्ता और रात्रि भोजन रात्रि विश्राम: गुंजी
दिन 4: गुंजी – ॐ पर्वत – धारचूला
दूरी: लगभग 170 किमी
दिन की शुरुआत विश्वप्रसिद्ध ॐ पर्वत के दर्शन से करें। यहाँ पर्वत पर प्राकृतिक रूप से बनी बर्फ की आकृति पवित्र “ॐ” के प्रतीक जैसी दिखाई देती है।
दर्शन एवं भ्रमण के प्रमुख स्थान
- ॐ पर्वत व्यू पॉइंट
- नंदी पर्वत
- शेषनाग पर्वत
- वेद व्यास गुफा
- काली माता मंदिर
- प्राकृतिक गर्म पानी का झरना
- दर्शन और भ्रमण के बाद नीचे उतरते हुए धारचूला पहुँचें।
- भोजन: नाश्ता और रात्रि भोजन रात्रि विश्राम: धारचूला
दिन 5: धारचूला – पाताल भुवनेश्वर
- दूरी: लगभग 150–170 किमी
- उत्तराखंड की सबसे खूबसूरत और कम भीड़भाड़ वाली घाटियों में से एक से होते हुए पाताल भुवनेश्वर की ओर प्रस्थान करें।
- पाताल भुवनेश्वर पहुँचकर प्राकृतिक गुफा मंदिर और आसपास के शांत वातावरण का अनुभव करें।
- भोजन: नाश्ता और रात्रि भोजन रात्रि विश्राम: पाताल भुवनेश्वर
दिन 6: पाताल भुवनेश्वर – अल्मोड़ा – काठगोदाम ड्रॉप
- दूरी: लगभग 180–200 किमी
- नाश्ते के बाद काठगोदाम के लिए प्रस्थान करें।
- रास्ते में मुख्य आकर्षण
- कसार देवी
- अल्मोड़ा
- सुंदर पहाड़ी दृश्यों का आनंद लेते हुए काठगोदाम पहुँचें। यहाँ आपकी आदि कैलाश और ॐ पर्वत यात्रा का समापन होगा।
- भोजन: नाश्ता ड्रॉप: काठगोदाम रेलवे स्टेशन
यात्रा में शामिल सुविधाएँ (Inclusions)
- 5 रातों का आवास
- नाश्ता और रात्रि भोजन
- इनर लाइन परमिट (ILP) और चिकित्सा सहायता
- यात्रा कार्यक्रम के अनुसार दर्शनीय स्थलों का भ्रमण
- काठगोदाम से पिकअप और काठगोदाम तक ड्रॉप
- बुनियादी चिकित्सा उपकरण, जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर
यात्रा में शामिल नहीं सुविधाएँ (Exclusions)
- ट्रेन या हवाई जहाज के टिकट
- दोपहर का भोजन
- यात्रा में देरी होने पर ₹8,500 प्रति दिन अतिरिक्त शुल्क
- यात्रा कार्यक्रम में उल्लेखित नहीं की गई अन्य सुविधाएँ या खर्च
महत्वपूर्ण चिकित्सा सलाह
- यह यात्रा 3,600 से 4,500 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों तक जाती है। इतनी ऊँचाई पर समुद्र तल की तुलना में ऑक्सीजन का स्तर काफी कम होता है। इसलिए यात्रा से पहले स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ बरतना बहुत आवश्यक है।
- प्रत्येक यात्री को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- यात्रा से पहले किसी पंजीकृत चिकित्सक से संपूर्ण स्वास्थ्य जाँच और मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करें।
- अधिक ऊँचाई पर यात्रा करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।
- अपनी सभी निर्धारित दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में साथ रखें।
- यदि आपको अस्थमा, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, साँस संबंधी बीमारी या हाल ही में कोई सर्जरी हुई है, तो इसकी जानकारी पहले ही टूर कोऑर्डिनेटर को दें।
- 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति और पुरानी बीमारियों से पीड़ित यात्री डॉक्टर की अनुमति के बाद ही यात्रा करें।
- पर्याप्त पानी पिएँ और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- पूरी यात्रा के दौरान शराब और धूम्रपान से बचें।
- अधिक ऊँचाई पर धीरे-धीरे चलें और शरीर को वातावरण के अनुकूल होने का समय दें।
- तेज सिरदर्द, चक्कर, साँस लेने में परेशानी, मतली, उल्टी या असामान्य थकान होने पर तुरंत टूर लीडर को सूचित करें।
कपड़ों की आवश्यक सूची
अक्टूबर में ऊँचे हिमालयी क्षेत्रों का मौसम दिन में सुहावना और रात में जमाने वाली ठंड वाला हो सकता है। इसलिए गर्म कपड़े साथ रखना आवश्यक है।
गर्म कपड़े
- भारी डाउन जैकेट
- फ्लीस जैकेट
- थर्मल इनरवियर (ऊपरी और निचला भाग)
- ऊनी स्वेटर
- वाटरप्रूफ विंडचीटर जैकेट
- गर्म ट्रैक पैंट
- आरामदायक ट्रेकिंग पैंट
- अतिरिक्त मोज़े (4–5 जोड़ी)
- ऊनी मोज़े
- ऊनी टोपी या बीनी
- मफलर या नेक वार्मर
- वाटरप्रूफ दस्ताने
जूते
अच्छी पकड़ वाले मजबूत ट्रेकिंग जूते
होटल में उपयोग के लिए आरामदायक चप्पल
साथ ले जाने वाली आवश्यक वस्तुएँ
- मूल सरकारी फोटो पहचान पत्र
- पासपोर्ट आकार की कई तस्वीरें
- मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र
- व्यक्तिगत दवाइयाँ
- डायमॉक्स (केवल डॉक्टर की सलाह पर)
- पानी की बोतल
- UV सुरक्षा वाले धूप के चश्मे
- SPF 50+ सनस्क्रीन
- लिप बाम
- मॉइस्चराइज़र
- पावर बैंक
- मोबाइल चार्जर
- टॉर्च या हेडलैम्प
- छाता या रेन पोंचो
- छोटा बैकपैक
- सूखे नाश्ते का सामान
- एनर्जी बार
- ORS के पैकेट
महत्वपूर्ण यात्रा संबंधी जानकारी
- सभी यात्रियों के पास मूल सरकारी पहचान पत्र होना अनिवार्य है।
- इनर लाइन परमिट की प्रक्रिया के लिए वैध पहचान पत्र आवश्यक हैं।
- यात्रा कार्यक्रम मौसम, सड़क की स्थिति, भूस्खलन और सरकार या सेना की अनुमति के अनुसार बदल सकता है।
- ॐ पर्वत और लिपुलेख व्यू पॉइंट तक पहुँच स्थानीय प्रशासन की अनुमति और मौजूदा परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
- धारचूला के बाद मोबाइल नेटवर्क सीमित हो सकता है। दूरस्थ क्षेत्रों में सामान्यतः BSNL नेटवर्क बेहतर काम कर सकता है, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है।
- ऊँचाई वाले हिमालयी गाँवों में बिजली की आपूर्ति अनियमित हो सकती है। इसलिए पावर बैंक साथ रखना उपयोगी है।
- गुंजी और दांतू जैसे दूरस्थ हिमालयी क्षेत्रों में आवास की सुविधाएँ सामान्य और बुनियादी हो सकती हैं। यहाँ लक्ज़री होटल जैसी सुविधाओं की अपेक्षा न करें।
- स्थानीय परंपराओं, सैन्य नियमों और पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों का सम्मान करें।
- कूड़ा-कचरा न फैलाएँ और हिमालय के नाजुक पर्यावरण को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।